हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, निम्नलिखित रिवायत नहजुल बलाग़ा किताब से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः
امیرالمؤمنین علی علیهالسلام:
إنَّ الشَّیطانَ یُسَنّی لَکُم طُرُقَهُ، وَ یُریدُ أن یَحُلَّ دینَکُم عُقدَةً عُقدَةً، وَ یُعطِیَکُم بِالجَماعَةِ الفُرقَةَ، وَ بِالفُرقَةِ الفِتنَةَ، فَاصدِفوا عَن نَزَغاتِهِ وَ نَفَثاتِهِ
हज़रत अमीरुल मोमिनीन अली (अ) फरमाते हैं:
"बेशक शैतान तुम्हारे लिए अपने रास्ते आसान कर देता है, और वह चाहता है कि तुम्हारे दीन को टुकड़े-टुकड़े करके अलग कर दे, और एकता के बदले तुम मे फूट डाल दे, और तफ़रक़े के बदले तुम्हें फ़ितना दे। अतः उसके उकसावे और वसवसों से बचते हुए किनारा कर जाओ।"
नहजुल बलाग़ा, ख़ुतबा 121
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